पाताल भुवनेश्वर गुफा में काल भैरव अष्टमी पर विशेष पूजा-अर्चना

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पिथौरागढ़। आज काल भैरव अष्टमी के पावन अवसर पर जिला पिथौरागढ़ के प्रसिद्ध पाताल भुवनेश्वर गुफा मंदिर में पाताल लोक के रक्षक भगवान काल भैरव की विशेष पूजा-अर्चना संपन्न हुई। प्राचीन गुफा के गर्भगृह में सुबह से ही श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। इस अवसर पर मंदिर परिसर में धार्मिक अनुष्ठानों, मंत्रोच्चार और दीप प्रज्वलन के साथ दिनभर भक्ति का वातावरण बना रहा।

मंदिर समिति के अध्यक्ष नीलम भंडारी ने अपने सहयोगियों के साथ विधिवत पूजा-अर्चना कर क्षेत्र की शांति, सुख-समृद्धि और मंगल की कामना की। उन्होंने कहा कि “काल भैरव अष्टमी भैरव भक्तों के लिए भगवान शिव की ओर से एक विशेष सौगात है। पाताल भुवनेश्वर में भैरव जी का पूजन करने से मनुष्य की समस्त मनोकामनाएँ पूर्ण होती हैं और जीवन से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है।”

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श्रद्धालुओं का मानना है कि पाताल भुवनेश्वर गुफा में स्थित यह भैरव स्थान दिव्य और चमत्कारिक है। यहां भगवान शिव के साथ ही भैरव, गणेश, और अन्य देव शक्तियों के स्वरूप भी प्राकृतिक शिलारूप में विद्यमान हैं। पौराणिक मान्यता के अनुसार, पाताल भुवनेश्वर वही पवित्र स्थल है जहाँ से पृथ्वी के अंदर तक जाने वाले दिव्य मार्गों का आरंभ होता है और जिनकी रक्षा काल भैरव स्वयं करते हैं।

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भक्तों ने दीपदान, भैरव चालीसा पाठ और रात्रि जागरण का आयोजन कर दिन को भक्ति भाव से समर्पित किया। क्षेत्र के कोने-कोने से आए श्रद्धालुओं ने इस अनोखी गुफा में दर्शन कर स्वयं को धन्य माना।

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इस अवसर पर नीलम सिह त्रिलोक सिंह जगत सिह केदार सिह महिपाल सिंह प्रेम सिह केशर सिह दशौनी मनोहर सिह शेर सिंह ललित मोहन सिह रावल पूरन सिह आदि मौजूद रहे
— रिपोर्ट: रमाकांत पंत

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