फैसले की घड़ी फिर टली… बनभूलपुरा केस पर पूरे शहर की सांसें अटक गईं!”

ख़बर शेयर करें

 

 

हल्द्वानी। बहुप्रतीक्षित बनभूलपुरा रेलवे भूमि प्रकरण में आज सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने की उम्मीद थी, लेकिन सुनवाई एक बार फिर टल गई। अब मामला 16 दिसंबर तक आगे बढ़ा दिया गया है। इससे शहर में अनिश्चितता और इंतज़ार का दौर और लंबा हो गया है।

यह वही मामला है जिसकी शुरुआत 2022 में एक पीआईएल से हुई थी। इसके बाद 2023 में हाईकोर्ट ने रेलवे की 30 हेक्टेयर भूमि खाली कराने के आदेश दिए थे। आदेश लागू होने लगे तो क्षेत्र में विरोध, धरने और तनाव की स्थितियाँ पैदा हो गईं। इसके बाद मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया—और तब से हर तारीख पर पूरा शहर फैसले का इंतज़ार कर रहा है।

यह भी पढ़ें 👉  महाप्रलय के चक्रव्यूह में छिपा कलिकाल का परम गोपनीय मोक्ष-द्वार: जहां बर्फ के सीने में खौलता है ‘अग्निकुंड’ और साक्षात भगवती महालक्ष्मी बनाती हैं महाप्रसाद!

आज की सुनवाई टल जाने से प्रशासन ने थोड़ी राहत की सांस ली है, क्योंकि फैसले के बाद किसी भी स्थिति से निपटने के लिए भारी तैयारी की जा रही थी। वहीं, स्थानीय लोग भी अब अगली तारीख तक इंतज़ार करने को मजबूर हैं।

यह भी पढ़ें 👉  प्रशासन की चुप्पी या तूफान से पहले की शांति? 32 बस्तियों का सब्र टूटा—क्या सड़कों पर तय होगा बिंदुखत्ता का फैसला?

शहर में अब यही चर्चाएँ हैं—

“रेलवे भूमि पर अंतिम फैसला किसके पक्ष में जाएगा?”
“क्या आने वाले दिनों में हालात बदलेंगे?”

इन सवालों का जवाब अब अगली सुनवाई पर टिका हुआ है।
फिलहाल, हल्द्वानी एक बार फिर सस्पेंस में… इंतज़ार में… और अनिश्चितता की स्थिति में खड़ा है।

ADVERTISEMENTS
यह भी पढ़ें 👉  11 हजार फीट की ऊँचाई पर दफन मोक्ष का भूगोल: जहाँ बर्फ के गर्भ से फूटती है अग्नि, पारे के बुदबुदाते हैं कुंड और लोहे को स्वर्ण बनाती है लाल धारा
Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad