श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन गूंजा ‘यतो धर्मस्ततो जय:’ का उद्घोष, कलियुग में हरि नाम ही भवसागर से पार उतरने का सुगम मार्ग

ख़बर शेयर करें

 

श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन गूंजा ‘यतो धर्मस्ततो जय:’ का उद्घोष, कलियुग में हरि नाम ही भवसागर से पार उतरने का सुगम मार्ग
हल्द्वानी। श्री गिरिजा देवी सनातन सेवा समिति, हल्द्वानी के तत्वावधान में श्री दत्तात्रेय आश्रम में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ अविरल जारी है। कथा के द्वितीय दिवस पर मुख्य व्यास डा. नवीन चन्द्र जोशी ने शुकदेव महाराज और पाण्डवों की उत्पत्ति का अत्यंत दिव्य वर्णन सुनाया।
श्रद्धालुओं को कथा का रसपान कराते हुए व्यास डा. नवीन चन्द्र जोशी ने कहा कि परमात्मा इस संसार में केवल धर्म की स्थापना के लिए ही विविध रूपों में अवतार लेते हैं। उन्होंने महाभारत की गाथा का संदर्भ देते हुए कहा कि जो लोग धर्म के मार्ग पर अडिग रहते हैं, विजय सदैव उन्हीं की होती है। ‘यतो धर्मस्ततो जय:’ अर्थात जहाँ धर्म है, वहीं विजय है। इसलिए प्रत्येक मनुष्य को अपने जीवन में हमेशा धर्मानुकूल आचरण अपनाना चाहिए। उन्होंने बताया कि भगवान योगेश्वर श्रीकृष्ण ही परम और पूर्ण सत्य हैं। भगवत प्राप्ति का सबसे सरल और सुलभ साधन भागवत जी ही हैं, अतः मनुष्य को पूरे मन से भागवत जी की कथा का श्रवण करना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि इस कलियुग में हरि नाम का निरंतर स्मरण ही इस भवसागर से पार होने का एकमात्र सुगम मार्ग है।

इस पावन अवसर पर उपस्थित महामण्डलेश्वर स्वामी परेश यति महाराज जी ने भक्तों को आशीर्वाद देते हुए कहा कि संतों के दर्शन करने से जीवन में सच्ची भक्ति का मार्ग प्रशस्त होता है। मनुष्य को सांसारिक मोह से ऊपर उठकर सदा परमात्मा का चिन्तन करते रहना चाहिए। कथा ज्ञान यज्ञ के संयोजक मोहन पाठक ने आयोजन के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इस महायज्ञ का अनुष्ठान समस्त क्षेत्रवासियों के कल्याण और सुख-समृद्धि की कामना हेतु किया जा रहा है।
धार्मिक विधि-विधान के अंतर्गत आयोजित पूजन एवं यज्ञ कार्य में पान सिंह बिष्ट, श्रीमती तुलसी बिष्ट और मनोज बिष्ट ने श्रद्धापूर्वक प्रतिभाग किया। संपूर्ण यज्ञ और पाठ कार्य आचार्य प्रकाश चन्द्र जोशी, आचार्य गोविन्द बल्लभ जोशी, प्रमोद जोशी, पं. हेम चन्द्र जोशी और सचिन जोशी आदि विद्वान आचार्यों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के साथ संपन्न कराया गया।
समिति के संरक्षक प्रोफेसर डा. एस. डी. तिवारी ने विशेष जानकारी देते हुए बताया कि आगामी दिवस पर श्री गिरिजा देवी सनातन सेवा समिति हल्द्वानी (नैनीताल, उत्तराखंड) द्वारा समाज सेवा के क्षेत्र में नि:स्वार्थ भाव से समर्पित चयनित स्वयंसेवकों को उनकी उत्कृष्ट सेवाओं के लिए प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया जाएगा।