हल्दूचौड़ (विशेष संवाददाता, रिम्पी बिष्ट)
अचानक ऐसा क्या हुआ कि मंदिर परिसर में मौजूद हर शख्स की आंखें अचानक नम हो गईं? क्यों एक पल के लिए पूरा पंडाल सन्न रह गया और फिर अगले ही पल भक्ति के जयकारों से गूंज उठा?
यह अद्भुत और भावुक कर देने वाला नजारा देखने को मिला हल्दूचौड़ की शिवपुरी कॉलोनी स्थित नागेश्वर महादेव मंदिर में। यहाँ बीते सात दिनों से चल रहे श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के समापन पर मंगलवार को एक ऐसा पल आया, जिसने हर श्रद्धालु के हृदय को झकझोर कर रख दिया।
क्या था वह भावुक कर देने वाला प्रसंग?
कथा के विश्राम दिवस पर जब नैमिषारण्य तीर्थ से पधारे परम पूज्य कथावाचक पंडित प्रभात कुमार त्रिपाठी महाराज ने व्यासपीठ से ‘सुदामा-कृष्ण मिलन’ का प्रसंग सुनाना शुरू किया, तो पूरा वातावरण मानो थम सा गया। द्वारिकाधीश द्वारा अपने दरिद्र मित्र सुदामा के चरण पखारने और उन्हें सहर्ष गले लगाने का मार्मिक वर्णन सुनकर पंडाल में बैठा हर भक्त भाव-विभोर हो गया और लोगों की आंखों से आंसू छलक पड़े।
कथा व्यास ने इस अवसर पर कहा कि सुदामा और श्रीकृष्ण की मित्रता महज एक पौराणिक कथा नहीं, बल्कि मानव जीवन के लिए सबसे बड़ा मार्गदर्शक है। ईश्वर कभी धन-दौलत या पद नहीं देखते, वे केवल निष्कपट भाव और सच्चे समर्पण के भूखे होते हैं।
वैदिक पूर्णाहुति और विशाल भंडारे का आयोजन
इस मार्मिक कथा के उपरांत मंदिर परिसर में विद्वान आचार्यों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के साथ भव्य हवन एवं पूर्णाहुति संपन्न कराई गई। सैकड़ों श्रद्धालुओं ने आहुतियां समर्पित कर अपने परिवार एवं क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की।
पूर्णाहुति के पश्चात विशाल भंडारे (महाप्रसाद) का आयोजन किया गया, जिसमें दूर-दराज से पहुंचे सैकड़ों श्रद्धालुओं ने पंक्तिबद्ध होकर प्रसाद ग्रहण किया और पुण्य लाभ अर्जित किया।
सामाजिक समरसता और संस्कारों का संदेश
आयोजन के मुख्य संयोजक सुमनलता दीक्षित एवं सुबोध दीक्षित ने इस महायज्ञ को सफल बनाने के लिए सभी सहयोगियों, श्रद्धालुओं एवं क्षेत्रवासियों का विशेष आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा जैसे आयोजन समाज में प्रेम, सेवा, संस्कार और आपसी भाईचारे की भावना को मजबूत करते हैं।
आयोजन में उमड़ी गणमान्य लोगों की मौजूदगी
इस पावन अवसर पर क्षेत्र के अनेक जनप्रतिनिधियों और गणमान्य नागरिकों ने व्यासपीठ का आशीर्वाद प्राप्त किया।
उपस्थित प्रमुख हस्तियों में:
1. पंकज दीक्षित
2. पवन दीक्षित
3. क्षेत्रीय विधायक डॉ. मोहन सिंह बिष्ट
4. भाजपा नेता कमलेश चंडोला
5. वरिष्ठ समाजसेवी हेमवती नंदन दुर्गापाल
6. पूर्व प्रधान बी.डी. खोलिया
इनके साथ ही मंदिर समिति के अध्यक्ष देवेंद्र सिंह बिष्ट, सचिव किशन सिंह बिष्ट, कोषाध्यक्ष हरीश चंद्र पांडे, भूपेश जोशी, रमेश चंद्र जोशी, राजकुमार सिंह बिष्ट, बहादुर सिंह करायत, दिनेश बोरा, कल्पना कुंवर सहित सैकड़ों श्रद्धालु उपस्थित रहे।
लेटैस्ट न्यूज़ अपडेट पाने हेतु -
👉 वॉट्स्ऐप पर हमारे समाचार ग्रुप से जुड़ें
