क्या था वो हैरान कर देने वाला इंतज़ाम, जिसने लाखों की भीड़ के बीच भी कैंची धाम को बनाए रखा पूरी तरह शांत और सुरक्षित

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क्या था वो हैरान कर देने वाला इंतज़ाम, जिसने लाखों की भीड़ के बीच भी कैंची धाम को बनाए रखा पूरी तरह शांत और सुरक्षित

श्री कैंची धाम स्थापना दिवस पर उमड़ा आस्था का अलौकिक महासागर, बाबा नीब करौरी के दर्शन कर निहाल हुए लाख से अधिक श्रद्धालु
नैनीताल/श्री कैंचीधाम (शैल शक्ति ब्यूरो)। विश्व प्रसिद्ध श्री कैंची धाम के पावन स्थापना दिवस के शुभ अवसर पर सोमवार को संपूर्ण घाटी श्रद्धा, भक्ति और अलौकिक आनंद के सागर में सराबोर हो उठी। देश के कोने-कोने से पहुंचे लाखों श्रद्धालुओं के अगाध विश्वास और भजनों की सुमधुर स्वर लहरियों से पूरा क्षेत्र गुंजायमान रहा। सुबह पांच बजे जैसे ही मंदिर के कपाट खुले, वैसे ही बाबा नीब करौरी महाराज के जयकारों के साथ भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा। हर आँख में बाबा की एक झलक पाने की प्यास और अधरों पर केवल उनका नाम था। रात आठ बजे तक एक लाख से अधिक श्रद्धालु महाराज जी के अलौकिक दर्शन कर महाप्रसाद पा चुके थे, और आस्था का यह कारवां निरंतर बढ़ता ही जा रहा था
इस भव्य महाकुंभनुमा मेले की सबसे खूबसूरत विशेषता यहाँ का अभूतपूर्व और शांतिपूर्ण प्रबंधन रहा, जिसने हर श्रद्धालु के चेहरे पर संतोष की मुस्कान बिखेर दी। देवभूमि की इस पावन व्यवस्था का जायजा लेने और बाबा का आशीर्वाद प्राप्त करने कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत, आईजी कुमाऊं निवेदिता कुकरेती, जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल और एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टीसी स्वयं पहुंचे। इन सभी उच्चाधिकारियों ने भी पूरी श्रद्धा के साथ बाबा के दर्शन किए और लाइन में लगे भक्तों के साथ मिलकर प्रसाद ग्रहण किया। मेले को निर्विघ्न और सुगम बनाने के लिए जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने सूर्योदय से पहले ही खुद कमान संभाल ली थी। वे पूरे समय क्षेत्र में मुस्तैद रहकर श्रद्धालुओं से बातचीत करते रहे, जिसके जवाब में देश-विदेश से आए भक्तों ने प्रशासन के उत्कृष्ट इंतजामों की भूरि-भूरि प्रशंसा की।
दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं की राह को सुगम बनाने के लिए प्रशासन ने बेहद संवेदनशील और व्यावहारिक कदम उठाए थे। मैदानी क्षेत्रों से आने वाले भक्तों की सुविधा के लिए काठगोदाम व हल्द्वानी रेलवे स्टेशन और हल्द्वानी रोडवेज स्टेशन से विशेष शटल सेवाओं का अविरल संचालन किया गया, जबकि पर्वतीय क्षेत्रों से आने वाले यात्रियों के लिए भी पृथक वाहनों की उत्तम व्यवस्था की गई। मंदिर के आसपास के संपूर्ण क्षेत्र को जीरो जोन घोषित कर दिया गया था, जिससे यातायात पूरी तरह नियंत्रण में रहा और पैदल चलते भक्तों को दिव्य वातावरण की अनुभूति हुई। जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने बताया कि श्रद्धालुओं की सेवा के लिए विभिन्न विभागों के अधिकारियों की तैनाती की गई थी, जिन्होंने शुद्ध पेयजल, त्वरित स्वास्थ्य सेवाएं और निरंतर स्वच्छता अभियान को चौबीसों घंटे सक्रिय रखा।
वहीं एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टीसी के कुशल निर्देशन में तैयार की गई विशेष यातायात योजना के कारण हल्द्वानी से लेकर कैंची धाम तक का मार्ग पूरी तरह जाम मुक्त और निर्बाध बना रहा। इस महाआयोजन को सफल बनाने में मुख्य विकास अधिकारी अरविंद कुमार पाण्डे ने भीमताल और भवाली सहित तमाम पार्किंग स्थलों का बारीकी से निरीक्षण किया। इसके साथ ही वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अल्मोड़ा चंद्रशेखर घोड़के, पुलिस अधीक्षक पिथौरागढ़ अक्षय कोंडे, पुलिस अधीक्षक जगदीश चंद्र, मनोज कत्याल, अपर जिलाधिकारी सौरभ असवाल, नगर आयुक्त परितोष वर्मा और उपजिलाधिकारी अनुराग आर्या सहित तमाम आला अधिकारियों और कर्मचारियों ने पूरे दिन सेवा भाव से डटकर व्यवस्था को संभाला। बाबा के इस पावन धाम में भक्तिमयी बयार अभी थमी नहीं है। प्रशासन का अनुमान है कि आगामी दो-तीन दिनों तक श्रद्धालुओं का यह ताँता इसी प्रकार लगा रहेगा, जिसके लिए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद और तत्पर है।