बेलवसानी के घने जंगलों में क्यों बढ़े दर्जनों कदम? जानिए उस रहस्यमयी कदम के पीछे का असली सच!

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जब जंगलों में फलेंगे पौधे तो इंसानों की ओर नहीं भटकेंगे वन्यजीव: फतेहपुर के जंगलों में हुआ विशाल रोपण
हल्द्वानी। श्री गिरिजा देवी सनातन सेवा समिति द्वारा नैनीताल जिले के फतेहपुर स्थित बेलवसानी के जंगलों में एक विशाल फलदार वृक्षारोपण कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। लगभग दो से तीन किलोमीटर के वन क्षेत्र में समिति के पदाधिकारियों, स्थानीय प्रतिनिधियों और पर्यावरणविदों ने मिलकर पर्यावरण एवं वन्यजीव संरक्षण की दिशा में एक अनूठी पहल की।
इस अभियान के तहत आम, पपीता, आंवला, अमरूद, अंगूर और जामुन जैसे कई फलदार पौधे रोपे गए। कार्यक्रम की मुख्य विशेषता समिति के संरक्षक प्रोफेसर डॉ. एस. डी. तिवारी द्वारा 451 आम के अंकुरित बीजों (पौधों) का रोपण रही। इसके साथ ही क्षेत्र में 51 फलदार पेड़ और विभिन्न फलों के बीज भी रोपित किए गए।
वृक्षारोपण का मुख्य उद्देश्य बताते हुए प्रोफेसर डॉ. एस. डी. तिवारी ने कहा कि वनों में फलदार वृक्षों और कंदमूल का अभाव होने के कारण ही जंगली जानवर भोजन की तलाश में शहरों और आबादी वाले इलाकों की ओर आ रहे हैं। यदि उन्हें जंगल में ही पर्याप्त भोजन मिलेगा तो मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाएं रुकेंगी और वन संपदा का संवर्धन होगा।
समिति के संयोजक डॉ. नवीन चन्द्र जोशी ने जानकारी दी कि जंगलों में फलदार पौधे लगाने की यह यात्रा 15 सितम्बर 2009 को शुरू हुई थी, जो आज भी अनवरत जारी है। विशेष रूप से श्राद्ध पक्ष में लोग अपने पूर्वजों (पितरों) की स्मृति में वनों में फलदायी पौधे लगाते हैं। समिति द्वारा कुमाऊं के विभिन्न मंदिरों के आसपास के जंगलों में भी जनसहयोग से ऐसे अभियान चलाए गए हैं। प्रसिद्ध पर्यावरणविद मदन बिष्ट ने बताया कि वर्षा ऋतु का समय जंगलों में फलदार पेड़ लगाने के लिए सबसे सहज और उपयुक्त होता है।
इस पुनीत कार्य में समिति के अध्यक्ष आनंद सिंह भाकुनी, संरक्षक एल. डी. पाण्डेय, सचिव लक्ष्मण सिंह गोनिया, जीवन सिंह पन्तोला, प्रो डाo एस सी सती आचार्य प्रकाश चन्द्र जोशी, पं. हेम चन्द्र जोशी, उप ग्राम प्रधान बब्लू जोशी, मनीष जोशी, विवेक जोशी और भावेश जोशी सहित कई सदस्यों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और वन्यजीव संरक्षण का संकल्प दोहराया।