सेना के गौरव से लेकर चिकित्सा जगत के शिखर तक: क्यों हर कोई दे रहा है इस महान डॉक्टर को सलाम, जानिए उस खास भेंट के पीछे का संदेश

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चिकित्सा के क्षेत्र में केवल डिग्री या तकनीकी ज्ञान ही इंसान को महान नहीं बनाता, बल्कि मरीज के प्रति गहरी संवेदना और निस्वार्थ सेवा भाव ही किसी चिकित्सक को जन-जन का प्रिय बनाता है। ऐसे ही अद्वितीय मानवीय गुणों की एक मिसाल हैं देश के विख्यात और बेहद अनुभवी प्लास्टिक सर्जन (ब्रिगेडियर) डॉ० पी० एस० भण्डारी। सेना के अनुशासन और चिकित्सा सेवा के समर्पण का अद्भुत मेल उनके व्यक्तित्व में साफ झलकता है, जो उन्हें अन्य चिकित्सकों से बिल्कुल अलग और प्रेरणादायी बनाता है।
एम०एस० (सर्जरी) एवं एम०सी०एच० (प्लास्टिक सर्जरी) जैसी उच्चतर शैक्षणिक डिग्रियों से सुसज्जित डॉ० पी० एस० भण्डारी वर्तमान में ब्रेकियल प्लेक्सस एवं प्लास्टिक सर्जरी विभाग के चेयरमैन के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उनके मार्गदर्शन में विभाग प्लास्टिक एवं रिकंस्ट्रक्टिव सर्जरी के क्षेत्र में नित नए आयाम स्थापित कर रहा है।
डॉ० भण्डारी केवल अपनी चिकित्सीय कुशलता के लिए ही नहीं, बल्कि मरीजों के साथ अपने बेहद आत्मीय, सरल और मानवीय व्यवहार के लिए जाने जाते हैं। हाल ही में उनके इसी उत्कृष्ट योगदान और बहुमूल्य सेवाओं के प्रति आभार व सम्मान व्यक्त करते हुए उन्हें “आदि शक्ति माँ अवंतिका” की पावन पुस्तक भेंट की गई।
इस अध्यात्म और सांस्कृतिक महिमा से ओत-प्रोत पुस्तक को पाकर डॉ० भण्डारी ने अत्यंत प्रसन्नता जताई। इस खास पल के दौरान उपस्थित लोगों ने उनके निस्वार्थ सेवा भाव की भूरि-भूरि प्रशंसा की और उनके स्वस्थ व दीर्घायु जीवन की कामना की। यह अवसर न केवल उनके सम्मान का प्रतीक बना, बल्कि समाज के सामने यह संदेश भी छोड़ गया कि सेवा और आत्मीयता से बड़ा कोई धर्म नहीं होता।