श्रीमद्भागवत कथा भगवान का स्वरूप: मनोज कृष्ण जी

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बिन्दुखत्ता/ बिन्दुखत्ता के इंदिरा नगर द्वितीय फुलारा आवास में चल रही श्रीमद् भागवत कथा के दूसरे दिन प्रसिद्ध कथा वाचक पण्डित मनोज कृष्ण जोशी ने अपनी मधुर वाणी से भक्तजनों को भगवान की दिव्य कथाओं का श्रवण कराया तथा कहा जीवन में कभी भी श्रीमद् भागवत कथा श्रवण का अवसर मिले तो अवश्य ग्रहण करें व महापुण्य के भागी बनें। इसका श्रवण अभयत्व को प्रदान करने वाला है।

 

श्रीमद भागवत कथा की महिमां बताते हुए उन्होनें कहा श्रीमद् भगवत कथा सुनने से जीवन को मुक्ति मिलती है। और आनन्द का संचार होता है।उन्होनें कहा भागवत जीवन का सार है व कलियुग का कल्प वृक्ष, जो हमें जीवन जीने की सरल व अलौकिक राह प्रदान करता है।व अभयता प्रदान करता है। जीवन का ज्ञान श्रीमद्भागवत कथा से ही प्रकट होता है।

 

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श्री जोशी ने कहा श्रीमद्भागवत भारतीय वाङ्मय का मुकुटमणि है भगवानशुकदेव द्वारा महाराज परीक्षित को सुनाया गया भक्तिमार्ग का अभय रस है।इसके प्रत्येक श्लोक में श्रीकृष्ण-प्रेम की सुगन्धि व महक है इसमें साधन-ज्ञान, सिद्धज्ञान, साधन-भक्ति, सिद्धा-भक्ति, मर्यादा-मार्ग, अनुग्रह-मार्ग, द्वैत, अद्वैत समन्वय के साथ प्रेरणादायी विविध उपाख्यानों का अद्भुत संग्रह है।जो सारे संसार में अतुलनीय है
उन्होनें कहा अष्टादश पुराणों में भागवत अभयत्व प्रदान करनें वाला नितांत महत्वपूर्ण तथा प्रख्यात पुराण है। श्रीमद्भागवत में भक्तिरस तथा अध्यात्मज्ञान का समन्वय उपस्थित करता है। भागवत निगमकल्पतरु का स्वयंफल माना जाता है जिसे नैष्ठिक ब्रह्मचारी तथा ब्रह्मज्ञानी महर्षि शुक ने अपनी मधुर वाणी से संयुक्त कर अमृतमय बना डाला है

 

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श्री जोशी ने कहा श्रीमद्भाग्वतम् सर्व वेदान्त का सार है। उस रसामृत के पान से जो तृप्त हो गया है, उसे किसी अन्य जगह पर कोई आवश्यकता नही रह जाती। श्रीमद्भागवत कथा कलियुग में किसी संजीवनी से कम नहीं है।

 

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इस अवसर पर प्रदीप बिष्ट चंदन बिष्ट संजीव शर्मा दीपक जोशी जगदीश पन्त भरत नेगी महेश फुलारा विक्की रजवार नवीन पपोला कमल मिश्रा मिथुन सिंह पंकज दशोनी विनोद जी संजय भट्ट कैलाश फुलारा श्रीमती गंगा देवी, गिरीश फुलारा, महेश फुलारा, ललित फुलारा गोविंद, बल्लभ फुलारा, कैलाश जोशी, ललित जोशी, मुकेश जोशी, बिना जोशी, संजय भट्ट, गिरीश जोशी, खिलाफ सिंह दानू, दीपक जोशी, दीपक पाठक, पूरन धारियाल, जगमोहन जोशी व समस्त फुलारा परिवार समेत सैकड़ों की संख्या में भक्तजन उपस्थित रहे।

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