परम कल्याणकारी है, माँ अवंतिका का स्मरण: सागर भाई प्रसिद्ध शक्ति स्थल माँ अवंतिका मन्दिर पर आस्था रखनें वाले सागर भाई जी से वार्ता

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लालकुआँ/ वरिष्ठ समाजसेवी , व्यवसायी आध्यात्मिक विचारधारा के धनी माँ अवंतिका मन्दिर के प्रति गहरी आस्था रखनें वाले श्री सागर भाई ने कहा कि वे बचपन से ही माता श्री के चरणों में गहरी आस्था रखतें है यह उनके ऊपर माँ अवंतिका की विशेष कृपा है,

उन्होंने कहा कि इस देवी की महिमाँ का वर्णन शब्दों में कदापि नहीं किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि बचपन से इस शक्तिपीठ से उनका नाता हैं। जब भी कोई उलझन होती है ,तो वे माँ का स्मरण करते हैं तथा उन्हें हर समस्या का निदान माँ के स्मरण से प्राप्त होता है। श्री सागर भाई ने बताया कि माँ अवंतिका के दर्शन से निराली शान्ति का अनुभव होता है उन्होनें माँ के प्रति अपनें भाव प्रकट करते हुए कहा माँ के चरणों में ही सच्चा सुख है।

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उन्होनें कहा कि माँ अवन्तिका देवी करुणामयी, दयामयी तथा ममता का अथाह सागर है, अपने भक्तों से स्नेह रखना तथा उनका सर्वत्र मंगल करना माँ का परम स्वभाव है, विषम परिस्थितियों के बीच जो भक्त सम्पूर्ण श्रद्वा विश्वास व समर्पण की भावना से अपने आराधना के श्रद्वा पुष्प माँ के चरणों में अर्पित करता है, वह कल्याण का भागी बनता है, इसलिए माता अवन्तिका की अराधना, उपासना, वदंना मनुष्य के लिए कल्याणकारी है, इसी शक्ति तत्व में माता के सभी रुप समाहित है, माँ सृष्टि के कल्याण के लिए अनेकानेक लीलाओं का सतत् सृजन करती है। ये स्वयंभू देवी है, इसलिए भू देवी के रुप में भी इनकी पूजा की जाती है भगवान शिव जी की परम शक्ति के रूप में भी इन्हें पूजा जाता है कुल मिलाकर माँ की महिमां का वर्णन शब्दों में नहीं किया जा सकता है माँ की कृपा अनुभूति का विषय है