गंगापुर में हाथियों का उत्पात जारी, कटी धान की फसल चट कर रहे गजराज; ग्रामीणों में दहशत

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हल्दूचौड़ / लालकुआं लालकुआं विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत हल्दूचौड़ स्थित गंगापुर ग्राम सभा में जंगली हाथियों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। जंगल से सटे इस ग्रामीण क्षेत्र में हाथियों का झुंड लगातार आबादी और खेतों का रुख कर रहा है। वर्तमान में किसान खेतों में पकी धान की फसल काट कर खलिहान और खेतों में सुखाने के लिए रख रहे हैं, लेकिन रात होते ही हाथियों का झुंड इन फसलों पर धावा बोलकर कटी हुई धान को चट कर रहा है और रौंदकर बर्बाद कर रहा है।

ग्रामीणों की महीनों की हाड़-तोड़ मेहनत और पूंजी देखते ही देखते हाथियों के पैरों तले कुचली जा रही है, जिससे क्षेत्र के किसानों में भारी आक्रोश और भय का माहौल है।

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रतजगा करने को मजबूर ग्रामीण, जान-माल का खतरा

क्षेत्र के प्रसिद्ध समाजसेवी डी.के. जोशी ने स्थिति की गंभीरता को उजागर करते हुए बताया कि गंगापुर ग्राम सभा में हाथियों की लगातार आवाजाही से ग्रामीण बेहद डरे-सहमे हैं। शाम ढलते ही लोग अपने घरों में दुबकने को मजबूर हो जाते हैं, वहीं किसान अपनी बची-खुची फसल को बचाने के लिए रात भर अलाव जलाकर, थालियां पीटकर और पटाखे फोड़कर रतजगा कर रहे हैं। इसके बावजूद विशालकाय हाथियों का झुंड खेतों में घुसकर भारी तबाही मचा रहा है। किसी भी समय ग्रामीणों और हाथियों के बीच टकराव से कोई बड़ी अप्रिय घटना घटने की आशंका बनी हुई है।

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वन विभाग से प्रभावी कदम और मुआवजे की मांग

समाजसेवी डी.के. जोशी ने वन विभाग और स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर चिंता जताते हुए कहा कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए तो किसानों के सामने रोजी-रोटी का गहरा संकट खड़ा हो जाएगा। उन्होंने प्रशासन से प्रमुख मांगें रखी हैं:

  • रात्रि गश्त में तेजी: जंगल सीमा से सटे संवेदनशील इलाकों में वन विभाग की त्वरित प्रतिक्रिया टीम  तैनात की जाए और नियमित नाइट पेट्रोलिंग की जाए।
  • फसल नुकसान का आंकलन व मुआवजा: राजस्व व वन विभाग की संयुक्त टीम तुरंत मौका मुआयना कर बर्बाद हुई धान की फसल का पारदर्शी आंकलन करे और प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा दे।
  • सुरक्षा उपाय: आबादी और खेतों की ओर हाथियों को आने से रोकने के लिए सोलर फेंसिंग, ट्रेंच (खाई) और सर्च लाइट की पुख्ता व्यवस्था की जाए।
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