बिंदुखत्ता में हक की आवाज: राजस्व ग्राम आंदोलन को धार देने सड़कों पर उतरी मातृशक्ति और युवा, पदयात्रा बनी जनांदोलन

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बिंदुखत्ता में हक की आवाज: राजस्व ग्राम आंदोलन को धार देने सड़कों पर उतरी मातृशक्ति और युवा, पदयात्रा बनी जनांदोलन

बिंदुखत्ता, 13 सितंबर। बिंदुखत्ता को राजस्व ग्राम का दर्जा दिलाने की मांग को लेकर वन अधिकार संगठन द्वारा आगामी 27 सितंबर को प्रस्तावित जनसभा एवं विशाल रैली के लिए चलाए जा रहे जनजागरूकता अभियान के तहत घर-घर पदयात्रा का आज तीसरा दिन रहा। पदयात्रा प्रातः दुग्ध उत्पादक सहकारी समिति बिंदुखेड़ा से शुरू होकर बिंदुखेड़ा गांव की प्रत्येक गली और घर तक पहुंची तथा देवी मंदिर बिंदुखेड़ा में संपन्न हुई।

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पदयात्रा में महिलाओं, बच्चों और युवाओं सहित करीब 400 ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक भागीदारी की। ग्रामीणों ने 27 सितंबर की जनसभा और रैली को सफल बनाने का संकल्प लिया।

अभियान के समर्थन में हल्द्वानी से सामाजिक कार्यकर्ता एवं जनमैत्री संगठन के अध्यक्ष बच्ची सिंह बिष्ट, पूर्व ट्रेड यूनियन नेता एवं सामाजिक कार्यकर्ता यतीश पंत तथा कवि नरेंद्र बंगारी भी बिंदुखेड़ा पहुंचे। उन्होंने बिंदुखत्ता को राजस्व ग्राम का दर्जा दिलाने की मांग को जायज बताते हुए आंदोलन को अपना समर्थन दिया।

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इस दौरान ग्रामीणों ने क्षेत्रीय विधायक डॉ. मोहन सिंह बिष्ट द्वारा बिंदुखत्ता वासियों के आंदोलन को लेकर की गई कथित आपत्तिजनक बयानबाजी और ग्रामीणों को ‘नालायक’ कहे जाने पर कड़ी आपत्ति दर्ज की। ग्रामीणों ने कहा कि जनप्रतिनिधि को जनता की आवाज सुनने और लोकतांत्रिक तरीके से संवाद करने की जिम्मेदारी है। विधायक द्वारा इस प्रकार की भाषा का इस्तेमाल लोकतांत्रिक पद की गरिमा के अनुरूप नहीं है। ग्रामीणों ने कहा कि अपनी जायज मांग के लिए संघर्ष करना बिंदुखत्ता वासियों का लोकतांत्रिक अधिकार है और किसी भी तरह की आपत्तिजनक टिप्पणी से आंदोलन कमजोर नहीं होगा।

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पदयात्रा में वन अधिकार संगठन के अध्यक्ष उमेश चंद्र भट्ट, अर्जुन नाथ गोस्वामी, बलवंत बिष्ट, रमेश गोस्वामी, ममता बिष्ट, संध्या डालाकोटी, नंदन बोरा, नंदन जग्गी, किशन सिंह जग्गी, नवीन जोशी, प्रकाश उत्तराखंडी, बलवंत परिहार, दीपक रौतेला, मीना मेहता, भगवान सिंह कठायत, दीपक जग्गी, दीपक पाठक, जीवन पांडे, सोहनलाल, पवन बिष्ट, विपिन बोरा, दीवान सिंह सहित सैकड़ों ग्रामीण मौजूद रहे।

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