17 सितम्बर की शाम अचानक क्यों जगमगा उठेगी नैनी झील? 18 हजार दीयों और 1 लाख दीपों के पीछे क्या है नैनीताल प्रशासन का महा-प्लान!

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17 सितम्बर की शाम अचानक क्यों जगमगा उठेगी नैनी झील? 18 हजार दीयों और 1 लाख दीपों के पीछे क्या है नैनीताल प्रशासन का महा-प्लान!

हल्द्वानी। 17 सितम्बर की शाम नैनीताल का नजारा कुछ ऐसा होने जा रहा है, जिसकी चमक दूर-दूर तक दिखाई देगी। विश्व प्रसिद्ध नैनी झील के चारों ओर अचानक 18 हजार दीये एक साथ प्रज्वलित होंगे और पूरा जनपद एक लाख दीयों की जगमगाहट से नहा उठेगा। आखिर इस अभूतपूर्व दीपदान और रोशनी के पीछे की वजह क्या है? दरअसल, यह पूरा खाका मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्म दिवस के उपलक्ष्य में तैयार किया गया है, जिसके तहत जनपद नैनीताल में 17 सितम्बर से 18 अक्टूबर 2026 तक पूरे एक महीने का विशाल ‘सेवा संकल्प अभियान’ शुरू होने जा रहा है।

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अमृत सरोवरों से लेकर नैनी झील तक सजेगी दीपों की कतार

‘विकसित भारत-2047’ के संकल्प को धरातल पर उतारने के लिए प्रशासन ने इस बार बेहद अनूठी रणनीति बनाई है। 17 सितम्बर को “आशीर्वाद का दीया” कार्यक्रम के तहत जिले के सभी प्रमुख अमृत सरोवरों, जन औषधि केंद्रों, चौराहों और सार्वजनिक स्थलों पर दीप प्रज्वलित किए जाएंगे। शाम ढलते ही नैनी झील का कोना-कोना 18 हजार दीपों से जगमगाएगा, जो जनसहभागिता और सुशासन का संदेश देगा।

सीडीओ बने नोडल अधिकारी, 30 दिनों तक चलेगा सेवा का महा-पर्व

जिलाधिकारी ललित मोहन रायल ने इस व्यापक अभियान की कमान मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) अरविंद कुमार पाण्डेय को जनपद स्तरीय नोडल अधिकारी के रूप में सौंपी है। प्रशासन ने सूचना, पर्यटन, स्वास्थ्य, शिक्षा, पंचायती राज, महिला एवं बाल विकास और नगर निकायों समेत तमाम विभागों को आपसी समन्वय से मैदान में उतार दिया है।

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गांव से लेकर शहर तक छाएगा आयोजनों का रोमांच

  • सेवा ज्योति कलश यात्रा और ‘मेरा सपनों का भारत’: स्कूलों और कॉलेजों में 18 अक्टूबर तक निबंध, चित्रकला, भाषण और पोस्टर प्रतियोगिताएं होंगी। साथ ही विकसित भारत के संकल्प का प्रतीक ‘सेवा ज्योति कलश’ प्रमुख स्थानों पर स्थापित किया जाएगा।
  • नुक्कड़ नाटक और प्रेरक कहानियां: शैक्षणिक संस्थानों व ग्राम पंचायतों में नुक्कड़ नाटकों के जरिए सरकारी योजनाओं की जानकारी दी जाएगी। “सेवा की कहानी” कार्यक्रम में योजनाओं से बदले जीवन की दास्तानें वीडियो और कला के माध्यम से सामने लाई जाएंगी।
  • आंगन मिलन और सेवा सेतु शिविर: तहसील और ब्लॉक स्तर पर बहुउद्देशीय स्वास्थ्य व लाभार्थी शिविर लगेंगे, ताकि अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक लाभ पहुंचे। वहीं आंगनबाड़ी और आशा कार्यकर्ता मातृ-शिशु स्वास्थ्य और पोषण का मोर्चा संभालेंगी।
  • स्वच्छता, रंगोली और 2 अक्टूबर का खादी संकल्प: “सेवा के रंग, राष्ट्र के संग” के तहत सरकारी भवनों में रंगोली सजेगी। गांधी जयंती पर ‘वोकल फॉर लोकल’ और स्वदेशी अपनाने की शपथ दिलाई जाएगी, जबकि फिट इंडिया मूवमेंट के तहत खेल और योग गतिविधियां होंगी।
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जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि सभी अधिकारी प्रतिदिन की गतिविधियों की फोटो, वीडियो और रिपोर्ट निर्धारित व्हाट्सएप ग्रुप पर साझा करेंगे। प्रशासन ने जनपदवासियों से अपील की है कि वे दीपोत्सव और 30 दिनों के इस महा-अभियान का हिस्सा बनकर विकसित भारत के निर्माण में अपनी भागीदारी दर्ज कराएं।

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