एक पावन यात्रा और वह अलौकिक उपहार जिससे लालकुआँ में प्रवाहित हुई शिव भक्ति की अविरल धारा

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लालकुआँ/देवभूमि उत्तराखंड की शांत और सुरम्य धरा लालकुआँ में उस समय एक अद्भुत आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार हो गया, जब पवित्र अमरनाथ यात्रा की दिव्य अनुभूति समेटकर लौटे शिव भक्त एवं सेंचुरी श्रमिक कल्याण संघ के अध्यक्ष अवनीश कुमार त्यागी ने सेंचुरी मिल परिसर में एक पावन कार्य सम्पन्न किया। अमरनाथ धाम की कठिन और पवित्र यात्रा पूर्ण कर लौटने के उपरांत, अवनीश त्यागी ने अपने संगठन के अनेक उत्साही साथियों के साथ सेंचुरी मिल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) अजय कुमार गुप्ता तथा  (सीओओ) प्रणव शर्मा से आत्मीय भेंट की।
इस भेंट के दौरान अवनीश त्यागी ने दोनों शीर्ष अधिकारियों को बाबा अमरनाथ जी का पवित्र प्रसाद और बाबा बर्फानी का मनमोहक पावन चित्र सादर भेंट किया। जैसे ही बाबा बर्फानी का प्रसाद और चित्र अधिकारियों के हाथों में आया, पूरा वातावरण एक असीम श्रद्धा, भक्ति और अलौकिक शांति से सराबोर हो गया।
बाबा के इस दिव्य प्रसाद को अंगीकार करते हुए मिल के सीईओ अजय कुमार गुप्ता और सीओओ प्रणव शर्मा अत्यंत भावविभोर हो उठे। दोनों अधिकारियों ने इस अवसर को केवल एक भेंट न मानकर बाबा बर्फानी की असीम अनुकंपा और अपना परम सौभाग्य माना। उन्होंने कहा कि बाबा अमरनाथ का प्रसाद स्वयं में भगवान शिव की कृपा का एक जीवंत स्वरूप है। जिस स्थान पर महादेव का पावन प्रसाद पहुँचता है, वहाँ सकारात्मकता, समरसता और समृद्धि का स्वतः ही वास हो जाता है। अधिकारियों ने अवनीश त्यागी की अगाध निष्ठा की सराहना करते हुए कहा कि दुर्गम रास्तों को पार कर लाया गया यह प्रसाद मिल परिवार के प्रत्येक सदस्य के लिए सुख, शांति और कल्याण का संदेश लेकर आया है।
यात्रा के अपने भावुक और प्रेरणादायक प्रसंग का वर्णन करते हुए अवनीश कुमार त्यागी ने बताया कि बाबा बर्फानी की यात्रा केवल दूरी तय करना नहीं, बल्कि आत्मा का परमात्मा से साक्षात्कार है। उनके साथ इस यात्रा में ग्यारह लोग थे जिनमें रामआसरे प्रदुम्न सिंह सुरेश तिवारी सहित अनेकों भक्त सपरिवार थे उन्होंने कहा कि ऊँचे-ऊँचे दुर्गम पर्वत, बर्फीली हवाएँ और संकरे रास्ते हर कदम पर भक्ति की परीक्षा लेते हैं। परंतु जब मुख से हर-हर महादेव और जय बाबा बर्फानी का जयघोष गूँजता है, तो शारीरिक थकान मानो क्षण भर में विलीन हो जाती है। जब श्रद्धालु पवित्र गुफा के निकट पहुँचते हैं और बर्फ से स्वयंभू निर्मित शिवलिंग के दर्शन करते हैं, तो जीवन के सारे कष्ट और सांसारिक चिंताएँ समाप्त हो जाती हैं। वह अलौकिक दृश्य भक्त के हृदय को जन्म-जन्मांतर की शांति से भर देता है।
बाबा अमरनाथ जी की महिमा अत्यंत अनूठी और सनातन संस्कृति का अमर प्रतीक है। हिमालय की गोद में विराजित बाबा बर्फानी का स्वरूप प्रकृति का वह अद्भुत चमत्कार है जो मानवीय दृष्टि और विज्ञान दोनों से परे है। यही वह परम पावन स्थल है जहाँ भगवान आशुतोष ने माता पार्वती को अमरत्व का गूढ़ रहस्य अर्थात अमर कथा सुनाई थी। मान्यता है कि इस अमर कथा के श्रवण मात्र से जीव सांसारिक बंधनों से मुक्त हो जाता है। यहाँ प्राकृतिक रूप से आकार लेने वाला हिम शिवलिंग भक्ति, आस्था और विश्वास की वह लौ है जो युगों-युगों से करोड़ों श्रद्धालुओं के जीवन को आलोकित करती आ रही है।
सेंचुरी मिल परिसर में हुआ यह पावन मिलन केवल एक औपचारिक भेंट नहीं था, बल्कि यह अधिकारियों, कर्मचारियों और संगठन के साथियों के बीच श्रद्धा और आत्मीयता का एक सुंदर सेतु बन गया। बाबा के इस प्रसाद वितरण ने पूरे वातावरण में सुख, शांति और आध्यात्मिक उल्लास की एक नई चेतना जगा दी है।