स्वामी प्रभुपाद जी के पदचिन्हों पर चलकर श्री कृष्ण भक्ति की ध्वज पताका फहरा रहे है पूज्य गुरुदेव नव योगेन्द्र महाराज जी
यद्यदाचरति श्रेष्ठस्तत्तदेवेतरो जनः। स यत्प्रमाणं कुरुते लोकस्तदनुवर्तते ।। (श्रीमदभगवत गीता 3/21) महापुरुष जैसा आचरण करते हैं सामान्य व्यक्ति उसी का अनुसरण करते हैं। वह जो आदर्श प्रस्तुत करते हैं,….










