विश्व ब्रेल दिवस 4 जनवरी :दुनिया को स्पर्श की भाषा सिखाने वाले ब्रेल लिपि के जनक लुई ब्रेल
(हेमंत खुटे -विनायक फीचर्स) जब दुनिया देखने की क्षमता को ही ज्ञान का आधार मानती थी तब लुई ब्रेल ने यह सिद्ध कर दिखाया कि शिक्षा आँखों की मोहताज नहीं….
(हेमंत खुटे -विनायक फीचर्स) जब दुनिया देखने की क्षमता को ही ज्ञान का आधार मानती थी तब लुई ब्रेल ने यह सिद्ध कर दिखाया कि शिक्षा आँखों की मोहताज नहीं….
(पवन वर्मा-विनायक फीचर्स) इंदौर में 15 लोगों की मौत किसी दुर्घटना या कोरोना महामारी की तरह नहीं हुई। ये मौतें धीरे-धीरे आईं, चेतावनियों के बीच आईं और उस चुप्पी की….
31 दिसम्बर की रात आती है, और हर साल देशभर में एक अदृश्य बीमारी फैल जाती है जिसका नाम है “कल पर टालना”। हम सब जानते हैं कि यह कोई….
किसी भी जीवंत राष्ट्र के लिए ‘नववर्ष’ उसकी सामूहिक चेतना, उसकी जीवन-दृष्टि और प्रकृति के साथ उसके तादात्म्य का उद्घोष होता है। भारतवर्ष में कालबोध कभी भी यांत्रिक नहीं….
कुमाऊं की ऊँचाई पर बसा छोटा सा गाँव, हर सुबह सूरज की पहली किरण से जगता था। गाँव के घरों की लकड़ी की खिड़कियाँ, कच्ची मिट्टी की गलियाँ, और….
शाम धीरे-धीरे पहाड़ की देहरी पर उतर आई थी। ठंडी हवा में देवदार की खुशबू घुली हुई थी और आंगन में जलता दीया मानो किसी की राह देख रहा हो।….
(प्रमोद दीक्षित मलय-विनायक फीचर्स) आज से लगभग 125 साल पहले एक गांव के विद्यालय की कक्षा तीन के गणित शिक्षक बच्चों से बातचीत करते हुए कहते हैं कि तीन केले….
बागेश्वर देवभूमि उत्तराखण्ड से पलायन रोकने और पहाड़ों में फिर से जीवन की लौ जलाने का जो सपना वर्षों से देखा जा रहा है, उसे साकार करने की दिशा में….
छत्तीसगढ़ की पावन धरती ने अनेक संतों , महापुरुषों और समाज सुधारकों को जन्म दिया उनमें से बाबा गुरु घासीदास का एक नाम लोकनायक के रूप में स्वर्णिम अक्षरों मे….
धर्म नगरी उज्जैन केवल महाकाल की ही नहीं, बल्कि उन पावन स्थलों की भी भूमि है जहाँ मनुष्य अपने पूर्वजों के प्रति कर्तव्य निभाने आता है। ऐसी ही एक….