जेबीएसजी इण्टर कालेज ने क्षेत्र में किया यह पहला कार्य

ख़बर शेयर करें

 

गंगोलीहाट , यहां पहली बार सरकार के दिशा निर्देशनुसार माह के अंतिम शनिवार को bagless बैग रहित शिक्षण सत्र संचालित किया गया ,
जे बी एस जी इण्टर कॉलेज गंगोलीहाट इस प्रोग्राम को शुरू करने वाला क्षेत्र का पहला विद्यालय बना साथ ही जे बी एस जी विद्या मंदिर मैं भी बैग रहित कक्षाओं का संचालन किया गया। इसमें विभिन्न प्रकार के टी एल एम के माध्यम से बच्चो को बहुमूल्य जानकारियां दी गई।

विद्यालय के प्रथम सत्र मैं विशेष आमंत्रित प्रवक्ता के रूप मैं कुमार गोविंद ने आई आई टी इंजीनियरिंग के क्षेत्र मैं कार्य की इच्छा रखने वाले छात्रों को प्रशिक्षण दिया ,

यह भी पढ़ें 👉  हसामपुर की पहाड़ी पर द्वापर युगीन रहस्य: पांडवों के दिव्यास्त्रों, स्वयं-प्रकट तीन पिण्डियों और नागवंश से जुड़े उस अलौकिक धाम का सच क्या है?

विद्यालय के प्रबंधक नरेंद्र सिंह रावल ने विज्ञान और अध्यात्म विषय पर भारतीय संस्कृति और आधुनिक विज्ञान पर प्रकाश डालते हुए रामायण महाभारत काल मैं हुए युद्धों मैं प्रयुक्त विभिन्न प्रकार की विद्याओं और वर्तमान के मिसाइल और पहले के अग्निबाण आदि का रोचक तुलनात्मक व्याख्यान दिया जिसे छात्रों ने खूब सराहा तथा वर्तमान चुनौतियों से पार पाने के लिए अध्यात्म को आधुनिक शिक्षा के साथ जोड़ने की आवश्यकता बताई।

यह भी पढ़ें 👉  चीखती रात और खामोश तबाही: क्या अगली सुबह का सूरज देख पाएगा यह आशियाना?

आज अलग अलग कक्षाओं के छात्रों को क्षेत्रों मैं भ्रमण करवा कर जड़ी बूटी , विभिन्न प्रकार की वनस्पतियों के बारे मैं जानकारी दी गई। इस ग्रुप मैं पुष्पा भंडारी,सुमन,तनुजा,निधि ,रेखा पंत थे। एनसीसी के छात्रों को अनिल डासीला ए एन ओ सीनियर ,तथा दीपक सुगड़ा ए एन ओ जूनियर श्री महाकाली चामुंडा मंदिर मैं सफाई व सेवा के कार्यों मैं ले गए जहां बच्चो द्वारा विभिन्न प्रकार के क्रिया कलापों मैं भाग लिया।

यह भी पढ़ें 👉  प्रशासन की चुप्पी या तूफान से पहले की शांति? 32 बस्तियों का सब्र टूटा—क्या सड़कों पर तय होगा बिंदुखत्ता का फैसला?

सरकार द्वारा लागू की जा रही बस्ता रहित शिक्षण हर माह के प्रत्येक अंतिम शनिवार को रखा गया है जो स्वागत योग्य है ।

ADVERTISEMENTS Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad