अभेद्य चक्रव्यूह के पार लोकतंत्र का अलौकिक आलोक: जब राष्ट्र की सर्वोच्च पीठ के गर्भगृह में पहुंचे लालकुआं के प्रतिनिधि
नई दिल्ली: सुरक्षा बलों का अभेद्य पहरा, अत्याधुनिक उपकरणों की सूक्ष्म जांच और बहुस्तरीय सुरक्षा का वह अनुशासित चक्रव्यूह, जहां परिंदा भी बिना अनुमति पर नहीं मार सकता। कौतूहल….










