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गुप्त शिखर और अलौकिक आरती का रहस्य: सहारनपुर के ऐतिहासिक सिद्धपीठ भूतेश्वर महादेव की अनसुनी गाथा

  सहारनपुर (विशेष संवाददाता)। मध्यरात्रि के सन्नाटे में जब घड़ी की सुइयां तड़के ठीक तीन बजे का संकेत करती हैं, तो सहारनपुर के बृज विहार क्षेत्र में फैले 22 बीघा….

कैलाश से जब मायके पधारीं पर्वतराज की लाडली: माँ गिरिजा विहार कॉलोनी में लोकसंस्कृति के जीवंत रंगों के बीच उल्लासपूर्वक संपन्न हुआ ‘सातों-आठों’, गौरा-महेश के जयकारों से गूंजा क्षेत्र

हल्द्वानी (कमलुवागांजा), 20 अगस्त 2026 देवभूमि कुमाऊं की लोक-संस्कृति, प्रकृति-प्रेम और शिव-पार्वती के अलौकिक वात्सल्य का द्योतक पावन लोकपर्व ‘सातों-आठों’ (गौरा-महेश्वर महोत्सव) गुरुवार को कमलुवागांजा स्थित माँ गिरिजा विहार कॉलोनी….

कहाँ जलते हैं अदृश्य दीप और कौन है मणियों वाला वह रक्षक नाग? स्कंद पुराण के पन्नों से खुला माँ शाकम्भरी पीठ का गूढ़ रहस्य

महादेव जी  ने माता पार्वती को बताया था ब्रह्मांड का सबसे गोपनीय ” क्षेत्र; अकाल और संहार के बीच कैसे जागी थी संजीवनी शक्ति? सहारनपुर /  उत्तर भारत की सुरम्य….

जब आस्था के आंगन में खुला प्रकृति पोषण का रहस्य: ‘आदि शक्ति माँ अवंतिका’ के सान्निध्य में डॉ. एंडले ने साझा किया शाकम्भरी का महात्म्य

लालकुआँ। शक्ति की अधिष्ठात्री माँ भगवती के पावन धाम केवल आस्था के केंद्र नहीं, बल्कि अंतर्मन को असीम ऊर्जा और शांति प्रदान करने वाले दिव्य ऊर्जा-पुंज हैं। लालकुआँ स्थित सुविख्यात….

अपशकुनी मानकर त्यागे गए एक अनाथ बालक का रहस्य: कैसे बना वह कलयुग का सबसे बड़ा लोकनायक?

  हिन्दी साहित्य के सूर्य,भक्ति के समुद्र और लोक चेतना के शिल्पी गोस्वामी तुलसीदास का नाम आते ही करोड़ों कंठों में केवल राम-राम ही गूंजता है। इस महान संत ने….

नर्मदा किनारे छिपा पांडवों का गुप्त रहस्य: क्या है विमलेश्वर की गुफाओं और ढाई मन के घंटे का राज़?

  मोक्षदायिनी नर्मदा सुरम्य सौंदर्य और पाप नाशिनी स्वरूप में कलयुग में विद्यमान है और इसके तटीय साम्राज्य में अनगिनत शिव तीर्थ हैं, जो ऐतिहासिक, पौराणिक और सांस्कृतिक दृष्टिकोण से….

मायके की देहरी पर जब उतरीं माँ गौरा: सात अनाजों के गूढ़ विधान और लोकगीतों की मधुर तान में क्यों सराबोर हुआ लालकुआं?

लालकुआं पहाड़ों की गोद से बहती लोकसंस्कृति की वह कौन सी पावन धारा है, जो हर वर्ष महिलाओं को अटूट श्रद्धा और आत्मीयता के अनूठे बंधन में बांध देती है?….

इंद्र के कोप से ग्वालों की रक्षा करने वाले किस दिव्य संत की कृपा से धन्य हुई लालकुआं की धरा? श्री काशीदास बाबा के पूजन में उमड़ा आस्था का महासागर

लालकुआं (नैनीताल)। द्वापर युग में जब देवराज इंद्र के अभिमान और प्रकोप के कारण लगातार सात दिनों तक मूसलाधार वर्षा से नंदगांव के ग्वालों एवं गोधन का जीवन संकट में….

लालकुआँ में श्री काशीदास बाबा के भव्य पूजन में उमड़ा जनसैलाब: वरिष्ठ समाजसेवी हेमवती नन्दन दुर्गापाल का शॉल ओढ़ाकर हुआ सम्मान

लालकुआँ: आस्था और श्रद्धा का केंद्र बनी आई टी सी पेपर मिल न्यू कालोनी में आयोजित श्री काशीदास बाबा पूजन समारोह अत्यंत धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ। इस….

नागपंचमी पर खुलने वाला महाकाल के शिखर का वह रहस्यमयी दिव्य लोक: वर्ष में केवल 24 घंटे के लिए जागृत होता है यह गुप्त धाम, जहां शेषनाग नहीं बल्कि नागराज तक्षक की शैय्या पर सपरिवार विराजते हैं देवाधिदेव

सनातन संस्कृति और पौराणिक आख्यानों में भगवान विष्णु को क्षीरसागर में शेषनाग की दिव्य शैय्या पर विश्राम करते देखना अत्यंत सहज और सर्वविदित है, किंतु ब्रह्मांड में एक ऐसा भी….