Category: धार्मिक / आध्यात्मिक

रहस्यमयी कुर्मांचल: आखिर लंका से उड़कर हिमालय की इस चोटी पर क्यों गिरा था कुंभकर्ण का सिर?

चम्पावत (उत्तराखंड)। देवभूमि उत्तराखंड के कुर्मांचल पर्वत की वादियां सिर्फ प्राकृतिक सौंदर्य का केंद्र नहीं हैं, बल्कि अपने भीतर त्रेता और द्वापर युग के ऐसे अलौकिक रहस्य समेटे हुए हैं….

आचार्य ब्रजराज के श्रीमुख से अमरकथा का वाचन: क्या लोहाघाट के ऋषेश्वर धाम में खुलने जा रहा है कोई अलौकिक आध्यात्मिक द्वार?

लोहाघाट : चम्पावत जनपद अंतर्गत ऐतिहासिक एवं सिद्धपीठ श्री ऋषेश्वर महादेव मन्दिर प्रांगण में आगामी 29 अगस्त से एक ऐसी दिव्य आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार होने जा रहा है, जिसकी….

गुप्त शिखर और अलौकिक आरती का रहस्य: सहारनपुर के ऐतिहासिक सिद्धपीठ भूतेश्वर महादेव की अनसुनी गाथा

  सहारनपुर (विशेष संवाददाता)। मध्यरात्रि के सन्नाटे में जब घड़ी की सुइयां तड़के ठीक तीन बजे का संकेत करती हैं, तो सहारनपुर के बृज विहार क्षेत्र में फैले 22 बीघा….

कहाँ जलते हैं अदृश्य दीप और कौन है मणियों वाला वह रक्षक नाग? स्कंद पुराण के पन्नों से खुला माँ शाकम्भरी पीठ का गूढ़ रहस्य

महादेव जी  ने माता पार्वती को बताया था ब्रह्मांड का सबसे गोपनीय ” क्षेत्र; अकाल और संहार के बीच कैसे जागी थी संजीवनी शक्ति? सहारनपुर /  उत्तर भारत की सुरम्य….

जब आस्था के आंगन में खुला प्रकृति पोषण का रहस्य: ‘आदि शक्ति माँ अवंतिका’ के सान्निध्य में डॉ. एंडले ने साझा किया शाकम्भरी का महात्म्य

लालकुआँ। शक्ति की अधिष्ठात्री माँ भगवती के पावन धाम केवल आस्था के केंद्र नहीं, बल्कि अंतर्मन को असीम ऊर्जा और शांति प्रदान करने वाले दिव्य ऊर्जा-पुंज हैं। लालकुआँ स्थित सुविख्यात….

अपशकुनी मानकर त्यागे गए एक अनाथ बालक का रहस्य: कैसे बना वह कलयुग का सबसे बड़ा लोकनायक?

  हिन्दी साहित्य के सूर्य,भक्ति के समुद्र और लोक चेतना के शिल्पी गोस्वामी तुलसीदास का नाम आते ही करोड़ों कंठों में केवल राम-राम ही गूंजता है। इस महान संत ने….

नर्मदा किनारे छिपा पांडवों का गुप्त रहस्य: क्या है विमलेश्वर की गुफाओं और ढाई मन के घंटे का राज़?

  मोक्षदायिनी नर्मदा सुरम्य सौंदर्य और पाप नाशिनी स्वरूप में कलयुग में विद्यमान है और इसके तटीय साम्राज्य में अनगिनत शिव तीर्थ हैं, जो ऐतिहासिक, पौराणिक और सांस्कृतिक दृष्टिकोण से….

मायके की देहरी पर जब उतरीं माँ गौरा: सात अनाजों के गूढ़ विधान और लोकगीतों की मधुर तान में क्यों सराबोर हुआ लालकुआं?

लालकुआं पहाड़ों की गोद से बहती लोकसंस्कृति की वह कौन सी पावन धारा है, जो हर वर्ष महिलाओं को अटूट श्रद्धा और आत्मीयता के अनूठे बंधन में बांध देती है?….

नागराज धौलीनाग का अनसुलझा पौराणिक रहस्य: हिमालय के शिखरों पर बांज के प्राचीन वृक्ष से गूंजी थी अलौकिक देववाणी, जहां भूमिगत सुरंग से आज भी निकलती है पावन अमृतधारा

उत्तराखंड के बागेश्वर जनपद में विजयपुर की सुरम्य वादियों, हिमाच्छादित पर्वत श्रृंखलाओं और देवदार-बांज के सघन वनों के मध्य एक ऐसा अलौकिक धाम स्थित है, जहां आज भी नागलोक की….

नाग पंचमी विशेष: देवदार के अभिशप्त वनों के बीच छुपा है कौन सा रहस्य? जहाँ नागराज स्वयं करते हैं भगवान श्री हरि की पहरेदारी, जानिए डोल के अलौकिक विष्णु धाम की अनसुलझी गाथा

स्थान: डोल (अल्मोड़ा) देवभूमि उत्तराखण्ड के कुमाऊँ अंचल स्थित जनपद अल्मोड़ा का सुरम्य डोल क्षेत्र केवल अपनी प्राकृतिक नीरवता के लिए ही नहीं, बल्कि एक ऐसे रहस्यमयी आध्यात्मिक विस्मय के….