Category: धार्मिक / आध्यात्मिक

नारायण-नारायण’… आखिर किस नए अवतार में मंच पर उतरने जा रहे हैं लालकुआँ के चेयरमैन सुरेंद्र लोटनी?

  ‘नारायण-नारायण’… आखिर किस नए अवतार में मंच पर उतरने जा रहे हैं लालकुआँ के चेयरमैन सुरेंद्र लोटनी? नवरात्र में शुरू हो रही ऐतिहासिक रामलीला के पहले दिन दिखेगा नगर….

मृत्युलोक से पितृ-मुक्ति का वह अलौकिक द्वार: आखिर क्यों मात्र एक बूँद जल में समाया है समूची पृथ्वी दान और सहस्र तीर्थों का महापुण्य?

  देवभूमि का अलौकिक मर्म: क्या सचमुच मिट सकता है जन्म-जन्मांतरों का संताप? क्या केवल एक बूँद जल से युगों-युगों से अतृप्त पितरों को सीधे परमधाम भेजा जा सकता है?….

मृत्युलोक से पितृ-मुक्ति का वह अलौकिक द्वार: आखिर क्यों मात्र एक बूँद जल में समाया है समूची पृथ्वी दान और सहस्र तीर्थों का महापुण्य?

  देवभूमि का अलौकिक मर्म: क्या सचमुच मिट सकता है जन्म-जन्मांतरों का संताप? बद्रीनाथ/   केवल एक बूँद जल से युगों-युगों से अतृप्त पितरों को सीधे परमधाम भेजा जा सकता है?….

संस्कार, साधना और सफलता: नायब तहसीलदार बनीं शिवांगी बिष्ट, उपहार में मिली ‘आदि शक्ति माँ अवंतिका’ बनी प्रेरणा का पावन प्रतीक

  लालकुआँ मेहनत जब संस्कारों और निष्ठा की राह पर चलती है, तो सफलता का आँगन खुशियों की सुगंध से महक उठता है। ऐसा ही गौरवमयी पल क्षेत्र के लिए….

महा-रहस्य: जब कैलाश पर समाधि में लीन शिव से ब्रह्मा ने पूछा—‘आप किसका ध्यान कर रहे हैं?’

  महा-रहस्य: जब कैलाश पर समाधि में लीन शिव से ब्रह्मा ने पूछा—‘आप किसका ध्यान कर रहे हैं?’ पितृ पक्ष विशेष पड़ताल: गरुड़ पुराण के पन्नों में छिपा वह गोपनीय….

जब कैलाश पर समाधिस्थ महादेव ने खोला राज़: ‘मृत्यु’ का नहीं, अकाल मौत पर विजय और पितरों के सात्त्विक प्राकट्य का विज्ञान है गरुड़ पुराण

  नैमिषारण्य में ऋषियों का मंथन: सर्वशास्त्रपारंगत सूतजी से पूछे गए सृष्टि और सनातन धर्म के सात बुनियादी सवाल। कैलाश का सन्नाटा: पितामह ब्रह्मा ने जब देखा समाधिस्थ स्वरूप, तो….

कैलाश के हिम-सन्नाटे में खोया वो अलौकिक रहस्य: नन्दा की विदाई पर रो पड़ा चार सींगों वाला मूक तपस्वी

  कैलाश के हिम-सन्नाटे में खोया वो अलौकिक रहस्य: नन्दा की विदाई पर रो पड़ा चार सींगों वाला मूक तपस्वी पहाड़ केवल पाषाण और हिम के ढेर नहीं हैं; यह….

रहस्यमयी वादियों में छिपा अमरत्व का रहस्य: क्या सच में इन पावन सरोवरों के नीर में उतरते हैं स्वयं देव और गंधर्व?

  दमयन्ती-ताल (कुमाऊँ, देवभूमि उत्तराखण्ड)। देवभूमि उत्तराखण्ड के रमणीक कुमाऊँ अंचल में, नैनीताल जिले के भीमताल से मात्र दो-तीन किलोमीटर की दूरी पर सघन बाँझ, बांज और चीड़-देवदारु के वनों….

सफेद एम्बेसेडर का वह गुप्त पड़ाव: दशकों तक बीहड़ के सीने में दफन रहा माँ अवन्तिका और नीम करौली महाराज का यह महा-साक्षात्कार!

  लालकुआं। आज की आधुनिक चकाचौंध, गाड़ियों के अनवरत शोर और व्यस्त बाजारों के पीछे लालकुआं की धरा पर दशकों पुराना एक ऐसा अलौकिक रहस्य छिपा है, जिसकी गूँज आज….

अल्मोड़ा के बीहड़ों में कत्यूरी वैभव का अनसुलझा रहस्य: नागराजों की तपोभूमि, मौना की वह रहस्यमयी होड़ और कपिलेश्वर महादेव का प्राकट्य

  : सकुनी और कुमियां नदियों के पावन संगम पर स्थित सैज गाँव का वह स्वयंभू धाम, जहाँ दावाग्नि से झुलसे नागों को महर्षि कपिल की समाधि से मिली थी….