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एक माह, 7 कारीगर और लाखों का निजी खर्च… दशहरे पर कालिका मंदिर में इस बार क्या देखने मिलेगा?

  कांडा। पंकज डसीला कांडा पड़ाव स्थित प्रसिद्ध कालिका मंदिर में आगामी दशहरे मेले की तैयारियां शुरू हो गई हैं। मेले को लेकर मंदिर परिसर को आकर्षक रूप देने के….

गंगोलीहाट की माटी का वो लाल, जो बीहड़ पहाड़ों में सिसकती सांसों का मसीहा बन गया: कौन हैं वो ‘रियल लाइफ फाइटर’, जिन्होंने दो ज़िलों और तीन अस्पतालों को एक साथ थामकर रच दिया इंसानियत का नया इतिहास?

  गंगोलीहाट की माटी का वो लाल, जो बीहड़ पहाड़ों में सिसकती सांसों का मसीहा बन गया: कौन हैं वो ‘रियल लाइफ फाइटर’, जिन्होंने दो ज़िलों और तीन अस्पतालों को….

मातृ-हृदय और मसीहा का स्पर्श: वात्सल्य की पावन प्रतिमूर्ति डॉ. ऋतु रखोलिया

  रुद्रपुर /कहते हैं कि जब ईश्वर हर जगह सशरीर उपस्थित नहीं रह पाता, तब वह धरती पर माँ को रचता है; और जब किसी मासूम की साँसें उखड़ने लगती….

पितृ पक्ष विशेष : गया जी और विष्णुपद: अकाल मृत्यु के चक्रव्यूह से मुक्ति और पितरों के महामोक्ष का दिव्य केंद्र

  गया जी और विष्णुपद: अकाल मृत्यु के चक्रव्यूह से मुक्ति और पितरों के महामोक्ष का दिव्य केंद्र गया/नई दिल्ली: मृत्यु के उपरांत जीवात्मा की यात्रा कैसी होती है? क्या….

मंच सजने से पहले लालकुआं में छाया कौतूहल: पर्दे के पीछे आखिर क्या रच रही ‘आदर्श रामलीला कमेटी’?

मंच सजने से पहले लालकुआं में छाया कौतूहल: पर्दे के पीछे आखिर क्या रच रही ‘आदर्श रामलीला कमेटी’? निर्देशक पान सिंह बिष्ट व राजेंद्र रजवार के सधे मार्गदर्शन में तप….

गहन अरण्य की उस एक प्यास में छिपा कौन-सा आदि-रहस्य था?

  गहन अरण्य की उस एक प्यास में छिपा कौन-सा आदि-रहस्य था? सीतावनी के ‘सीतेश्वर महादेव’ और दो अमृत धाराओं का दिव्य आख्यान अरण्य का मौन और आदि-पर्वत की पुकार….

माँ की साँसें थमीं, घर पर लाचार थे पिता… उस स्याह रात अस्पताल में अकेली छूटी 13 साल की मासूम के साथ अचानक क्या हुआ?

  हल्द्वानी। ज़िंदगी जब इम्तिहान लेती है, तो कई बार आंसुओं का सैलाब भी कम पड़ जाता है। लेकिन उसी घोर अंधकार में जब इंसानियत दीपक बनकर जलती है, तो….

कर्म, काल और प्रायश्चित्त का दिव्य दर्पण: महर्षि पराशर की वाणी में कलियुग के धर्म और मर्यादा का अलौकिक विधान

  ॥ पितृ पक्ष विशेष ॥ कर्म, काल और प्रायश्चित्त का दिव्य दर्पण: महर्षि पराशर की वाणी में कलियुग के धर्म और मर्यादा का अलौकिक विधान  जब गरुड़ पुराण के….

‘सनातनी परंपराओं पर अंगुली उठाने वाली कांग्रेस बन चुकी है तिलचट्टों का गैंग’ : तरुण पंत

‘सनातनी परंपराओं पर अंगुली उठाने वाली कांग्रेस बन चुकी है तिलचट्टों का गैंग’ : तरुण पंत मुख्यमंत्री धामी द्वारा पिता के श्राद्ध कर्म पर सियासत करने पर भाजपा नेता ने….

【 पितृ पक्ष विशेष 】 शिला पर शिव-चरण और त्रिवेणी की अमृत-धार: क्या पूर्वजों के तर्पण बिना अधूरा है जीवन का शृंगार?

  【 पितृ पक्ष विशेष 】 शिला पर शिव-चरण और त्रिवेणी की अमृत-धार: क्या पूर्वजों के तर्पण बिना अधूरा है जीवन का शृंगार? संसार की आपाधापी और नश्वर वैभव के….