मृत्युलोक से पितृ-मुक्ति का वह अलौकिक द्वार: आखिर क्यों मात्र एक बूँद जल में समाया है समूची पृथ्वी दान और सहस्र तीर्थों का महापुण्य?
देवभूमि का अलौकिक मर्म: क्या सचमुच मिट सकता है जन्म-जन्मांतरों का संताप? बद्रीनाथ/ केवल एक बूँद जल से युगों-युगों से अतृप्त पितरों को सीधे परमधाम भेजा जा सकता है?….












